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बाइबल और मोक्ष का परिचय

बाइबिल

बाइबिल: एक किताब जिसके लिए सिर्फ मध्यकालीन समय में ही 50 मिलियन लोगों ने जान दे दी थी. यह हर भाषा में अनुवादित की गई और हजारों साल से गहरी सोच के साथ पढ़ी जाने वाली किताब है. इसने संस्कृतियों, भाषाओँ और लोगों पर बेहतरी के लिए प्रभाव डाला है. इसके अनुयायी को आशीर्वाद दिलाया. 25000 से ज्यादा पुरातात्त्विक खोजों ने इसकी एतिहासिक सच्चाई को सत्यापित किया है. यह वैज्ञानिक तौर पर आधुनिक खोजों से कई आगे है. यह 1600 साल पहले 40 लोगों द्वारा लिखी गई लेकिन अभी भी संघनता है और कोई अन्तर्विरोध नहीं है.

2 भाग

इसका एक पुराना साक्षी है – जीसस क्राइस्ट से पहले लिखी गई.

पुराना साक्ष्य यह समझाता है:

  • हम कैसे आये

  • कैसे इन्सान भगवान के साथ एकता से विद्रोह और पाप की तरफ चला.

  • कैसे इंसान भगवान को बलिदान और ‘अच्छे कार्य’ द्वारा खुश करने की कोशिश करता है

  • भगवान का आदर्श चरित्र और उनके आदर्श मापदंड. कोई भी पाप स्वर्ग या भगवान को नहीं पा सकता.

  • भगवान के पास इंसान को फिर से एकता में बांधने का बेहतर तरीका है- उनके एकमात्र बेटे जीसस क्राइस्ट को भेजकर

  • पुराना साक्ष्य यह भी बताता है कि हम जीसस क्राइस्ट के आने पर उनको कैसे पहचानेंगे.

  • वे क्या करने आएंगे, कब, कहाँ और किसके किए.


नया साक्ष्य- जीसस क्राइस्ट के बाद लिखा गया

नया साक्ष्य समझाता है

  • कि जीसस क्राइस्ट हमारे लिए क्या करने आए थे.
  • भगवान के चरित्र के बारे में बताता है.
  • हमारे लिए अपनी ज़िन्दगी दे दी ताकि हमें मौत पर शांति के लिए नरक में न जाना पड़े.
  • कि भगवान और पिता के साथ एक निजी रिश्ता कैसे बनाए.
  • उनकी आत्मा हमें दी – उनके जिंदा होने और जो वो कह रहे हैं वो सच है, यह साबित करने के लिए.
  • कि आगे क्या होने वाला है.

आदमी का काम बनाम भगवान का काम

बहुत सारे धर्मों में ध्यान इस बात पर है कि शाश्वत जीवन के लिए आपको भगवान को खुश करने के लिए क्या करना चाहिए.

एतिहासिक काथोलिसिस्म और पारंपरिक ईसाई धर्म में – आपको रविवार को चर्च जाना, प्रार्थना करना और अच्छे बनना होता है.

=आदमी का कार्य


हिन्दू धर्म में – आपको धार्मिक रस्में, कर्तव्य और रिवाज़ करने होते है, दर्शन शास्त्र द्वारा ब्रह्मांड का बोध करना होता है, पूजा, ध्यान और योग द्वारा मुक्ति मिलती है.

=आदमी का कार्य


बौद्ध धर्म में: सही समझ, संकल्प, भाषा, क्रिया, व्यवसाय, कोशिश, चिंतन और ध्यान से मुक्ति मिल सकती है.

=आदमी का कार्य


इस्लाम में: जन्नत प्राप्त करने के दो तरीके हैं, आपके अच्छे काम बुरे कामों से ज्यादा हो या आप इस्लाम के लिए शहीद हो जाएं

=आदमी का कार्य


बाइबिल के अनुसार भगवान आदर्श है. आदमी और औरत में कमियाँ है. एक उदाहरण होगा: आप कितना भी ऊँचा क्यों न कूद ले, आप चाँद तक नहीं पहुँच सकते. मतलब कि आप भगवान को खुश करने के लिए कितनी भी कोशिश करे, कोई न कोई कमी रह जाएगी.

ईसाई धर्म, क्योकि यह भगवान द्वारा बनाया गया था, एक अनूठा धर्म है- ईसाई धर्म के मूल दूसरे धर्मों से अलग है

ईसाई धर्म में मुक्ति भगवान द्वारा दिया गया मुफ्त उपहार है. दूसरे सभी धर्मों में आप अपने अच्छे काम या अच्छे विचारों द्वारा मुक्ति प्राप्त करते हैं.

दूसरे किसी भी धर्म में लीडर अपने अनुयायी को बचाने के लिए अपनी जान नहीं देता, और फिर मृत्यु के बाद यह दिखाने के लिए वापस नहीं आता है कि हम सभी की ज़िन्दगी शाश्वत हो सकती है.

  • ईसाई धर्म एक अकेला धर्म है जिसमे प्यार, जिसमे आपके दुश्मनों के लिए भी प्यार हो, यह मुख्य मुद्दा हो.
  • सिर्फ ईसाई धर्म ही स्वर्ग और शाश्वत जीवन की निश्चितता देता है.
  • किसी भी और धर्म में हमें भगवान साधारण लोगों के साथ पीड़ा सहते हुए नहीं दिखाई देते हैं.
  • आप यहूदी, बौद्ध या हिन्दू पैदा हो सकते हैं लेकिन ईसाई पैदा होना संभव नहीं है. ईसाई परिवार में पैदा होना आपको ईसाई नहीं बना देता.

यदि आप गेराज में पैदा हुए हो तो यह आपको कार नहीं बना देता, और यह उन पर भी लागू होता है जिनके माता-पिता ईसाई हैं. सच्चा ईसाई बनने के लिए, आपको क्राइस्ट को स्वीकार करना होगा और भगवान के बेटे जीसस द्वारा उनके साथ एक निजी संबंध बनाने की कोशिश करनी चाहिए. फिर आप रोज़ उनके साथ चल सकते हैं. 

आपको यह मुफ्त उपहार कैसे मिलता है जिसके लिए जीसस क्राइस्ट ने पहले ही भुगतान कर दिया – आपको देने के लिए?

आपको यह विश्वास करना होगा कि भगवान का अस्तित्व है और उन्होंने अपने बेटे जीसस को आपके लिए बलिदानी देने के लिए भेजा था. आपके लिए जो सज़ा थी- वह उन्होंने अपने सर ले ली. उन्होंने मौत को चुना ताकि आप जी सके. फिर आप उनसे प्रार्थना करते हैं, आपके सभी पापों को माफ़ करने के लिए धन्यवाद देते है, उनसे भगवान बनने और आपके जीवन के राजा बनने की प्रार्थना करते है.

आपको भगवान से आपके स्वामी बनने और दयालु होने की प्रार्थना करनी है

  • 1. अपने ह्रदय में जानें कि जीसस स्वामी है.
  • 2. अपने मुंह से स्वीकार करें कि जीसस स्वामी है.
  • 3. विश्वास करें कि जीसस आपके पापों के लिए बलिदान हुए और तीन दिन बाद फिर वापस जीवित हो गए.
  • 4. अपने पापों का पश्चाताप करें और जीसस का नाम लें.

आपकी सहायता के लिए यहाँ एक छोटी सी प्रार्थना दी गई है.

स्वर्ग में विद्यमान प्रिय भगवान, मैं आपके पास जीसस के नाम से आया हूँ. मैं स्वीकार करता हूँ कि मैं पापी हूँ. मैं माफ़ी मांगता हूँ, और अब मैं अपनी पुरानी पापी ज़िन्दगी छोड़कर आपकी तरफ आना चाहता हूँ. कृपया मुझे माफ़ कर दीजिये, और फिर से पाप न करने में मेरी मदद कीजिए.

मैं विश्वास करता हूँ कि आपके एकमात्र पुत्र जीसस क्राइस्ट ने मेरे पापों के लिए अपना अमूल्य खून बहाया और बलिदान दे दिया, मौत से वापस आये और अब जिंदा है.

जीसस मैं आपको अपने जीवन के स्वामी बनने, आज के दिन से मेरे ह्रदय पर शासन करने और इसमें बसने के लिए निमंत्रित करता हूँ.

अभी मैं जीसस को अपनी आत्मा के स्वामी के रूप में स्वीकार करता हूँ.

इसी क्षण मैं जीसस क्राइस्ट को अपने निजी मुक्तिदाता के रूप में स्वीकार करता हूँ और उनके अनुसार, अभी मैं सुरक्षित हूँ.

मेरे लिए अपना जीवन बलिदान करने और मुझे शाश्वत जीवन प्रदान करने के लिए मैं जीसस को धन्यवाद देता हूँ.

आमीन


आगे क्या करें?

  • क्राइस्ट में नए विश्वास के बारे में किसी और को बताएं.
  • रोज़ भगवान के साथ समय गुज़ारे. यह बहुत लंबा समय हो यह ज़रूरी नहीं है. सिर्फ रोज़ उनसे प्रार्थना करने और उनके कहे शब्दों को पढने की आदत डालें.
  • जीसस के दूसरे अनुयायी के साथ समय गुज़ारे. विश्वास रखने वाले दोस्तों का एक समूह बनाएं जो कि आपके प्रश्नों का उत्तर दे और आपको सहारा दे सके.
  • बाइबिल में विश्वास रखने वाले स्थानीय संगठन को खोजें जो कि आपके साथ भगवान से प्रार्थना कर सके.


By: Gabriel Kolbe

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